शोभना सम्मान-२०१३ समारोह

Saturday, April 14, 2018

शोभना सम्मान-2017 का हुआ सफल आयोजन


नई दिल्ली : शोभना वेलफेयर सोसाइटी ने हर बार की तरह इस बार भी विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करनेवालों को शोभना सम्मान-2017 से विभूषित किया।शोभना सम्मान-2017 समारोह का आयोजन दिनांक 14 अप्रैल, 2018 को को पी.जी.डी.ए.वी. कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, नेहरु नगर, नई दिल्ली के सभागार में दोपहर 2 बजे से सायं 5 बजे के बीच किया गया। इस समारोह में सुप्रसिद्ध युवा व्यंग्यकार सुमित प्रताप सिंह की छठी पुस्तक व चौथे व्यंग्य संग्रह ये दिल सेल्फ़ियानाका लोकार्पण भी किया गया। 

इस सम्मान समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार पद्मश्री डॉ. नरेन्द्र कोहली ने की तथा मुख्य अतिथि श्री देवेंद्र जैन (सेवानिवृत ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश एवं पूर्व मुख्य विधि सलाहकार म. प्र. गृह निर्माण मण्डल) रहे। समारोह के विशिष्ट अतिथि की भूमिका सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार श्री मलय जैन (ए.आई.जी., मध्य प्रदेश पुलिस), श्री विवेक त्रिपाठी (एडिशनल डायरेक्टर, टेक्निकल एजुकेशन, जी.एन.सी.टी., दिल्ली) एवं डॉ. रवीन्द्र कुमार गुप्ता (प्रधानाचार्य, पी.जी.डी.ए.वी. कॉलेज-सांध्य) ने निभाई। इसका संयोजन समाजसेवक श्री सुरेश सिंह तोमर ने किया तथा सानिध्य रहा शोभना वेलफेयर सोसाइटी की अध्यक्षा श्रीमती शोभना तोमर का। कार्यक्रम का संचालन सुमित प्रताप सिंह ने किया। 

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती को पुष्प माला अर्पण व दीप प्रज्वलन करके किया गया। इसके पश्चात् देश भर की चुनी हुईं विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को शोभना सम्मान-2017 से अलंकृत किया गया। तदुपरान्त सुमित प्रताप सिंह की छठी पुस्तक ये दिल सेल्फ़ियानाको लोकार्पित किया गया। 

सुमित की पुस्तक पर चर्चा करते हुए डॉ. हरीश अरोड़ा ने कहा कि पद या कोई उपाधि अपने नाम के आगे लगा लेने से लेखन अच्छा नहीं हो जाता। उसके लिए कड़ा परिश्रम करना पड़ता है। सुमित ने अपनी पुस्तक में जो मुद्दे उठाये हैं वो आम जीवन से जुड़े हुए हैं। वे अपनी संस्था के माध्यम से समाज को एक नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। 

श्री शैलेन्द्र कुमार भाटिया ने कहा कि लेखन को बिना जिए व्यंग्य नहीं लिखा जा सकता और ये दिल सेल्फ़ियानामें संकलित 37 व्यंग्य सुमित के निजी अनुभव हैं। 

पूर्व राज्य मंत्री, उ.प्र. श्री अशोक यादव ने सुमित को उनकी छठी पुस्तक के लिए बधाई दी और अपनी ग़ज़लें सुनाकर राजनीति पर कटाक्ष किया। 

हल्द्वानी के युवा व्यंग्यकार श्री गौरव त्रिपाठी ने सुमित के व्यंग्य लेखन पर अपने विचार प्रकट किए। 

विशिष्ट अतिथि श्री विवेक त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान समय में संवेदनाहीन होते जा रहे हैं और सुमित और अन्य साहित्यकारों ने अभी तक अपने लेखन के माध्यम से संवेदना बचाकर रखी है। 

विशिष्ट अतिथि श्री मलय जैन ने कहा कि अधिकतर पुलिस वालों को नकारात्मक सोच के साथ ही देखा जाता है. सबसे ज्यादा पुलिस पर ही व्यंग्य कसे जाते हैं। जनता उम्मीद करती है कि पुलिस सुपरमैन की तरह उनकी सारी परेशानी दूर करे। ऐसे में सुमित का खुद पुलिस में होकर व्यंग्य को नई दिशा देना और पुस्तक के माध्यम पुलिस का भी पक्ष रखना काबिले तारीफ हैं। उन्हें इस पुस्तक में संकलित 100 नंबर पर जनता के फोन सुननेवाले पुलिसकर्मियों की परेशानी पर केंद्रित व्यंग्य भेड़िया आयानामक व्यंग्य काफी पसंद आया। 

विशिष्ट अतिथि डॉ. रवीन्द कुमार गुप्ता ने सुमित को पुस्तक हेतु बधाई देते हुए अपने कॉलेज में चल रही साहित्यिक एवं सामाजिक गतिविधियों को विस्तार से बताया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री देवेन्द्र जैन ने कहा कि सुमित ने इस व्यंग्य संग्रह में विभिन्न विषयों को अच्छी तरह उठाया। भवानी प्रसाद मिश्र कहते थे कि जिस तरह तू बोलता है उस तरह तू लिख। और सुमित प्रताप सिंह ने बोलचाल की आम भाषा और मुहावरों का नवीन प्रयोग अपनी रचनाओं में किया हैं। इनके व्यंग्य एक पत्र बेवफा सोनम गुप्ता के नाममें मार-मार के आलू का परांठा बना देनामुहावरा ध्यान आकर्षित करता है। इनका नाटक शैली में लिखा गया हास्य व्यंग्य दुशासन का लुंगीहरणकाफी रोचक और मजेदार है तथा यदि इसे नाटक के रूप में मंचित किया जाए तो ये नाटक प्रेमियों को बहुत पसंद आएगा। सामाजिक सरोकार साहित्य में व्यंग्य विधा के माध्यम से नाविक के तीर जैसा काम करते हैं। भाषा का परिष्कार करके सार्थक व्यंग्य का भविष्य सुमित के हाथों में सुरक्षित है।

कार्यक्रम के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. नरेन्द्र कोहली ने कहा कि लेखन से पहले आत्म मंथन करें कि रचना किस रूप में प्रस्तुत की जा सकती है। दूसरी विधाओं में टांग न अड़ा कर अपनी मौलिकता को तवज्जो दिया जाए तभी लेखन मजबूत होता है। युवा लिखने की जल्दी में रहता है, इसलिए लड़खड़ा कर गिर जाता है। उन्होंने सुमित के एक व्यंग्य लेख म्हारे गुटखेबाज किसी पिकासो से कम न हैंकी प्रशंसा करते हुए कहा कि आज तक उनका ध्यान ऐसे विषय पर नहीं गया। इस मतलब है कि सुमित व्यंग्य दृष्टि काफी पैनी है। सुमित की दृष्टि उन आकृतियों में कलात्मकता को खोज पाई जो गुटखा थूकने पर यहाँ-वहाँ दीवारों, सड़कों और मनोरम स्थलों पर स्वतः बन जाती हैं। उसे व्यंग्य में उतारने का कार्य नवीन और मौलिक है।

ध्यातव्य है कि शोभना वेलफेयर सोसाइटी एक रजिस्टर्ड स्वैच्छिक संस्था है, जो पिछले लगभग 10 वर्षों से दिल्ली और भारत में लोगों के जनकल्याण हेतु कार्यरत है। सोसाइटी प्रति वर्ष शोभना सम्मान समारोह का आयोजन करती है और यह सोसाइटी द्वारा आयोजित पाँचवा सम्मान समारोह था। 


शोभना सम्मान-2017 प्राप्तकर्ताओं की सूची
1.    श्री शैलेंद्र कुमार भाटिया — कविता संग्रह सफ़ेद कागजके लिए (नॉएडा उ.प्र.)
2.    श्री अशोक यादव ग़ज़ल (इटावा, उ. प्र.)
3.    श्री घनश्याम मैथिल व्यंग्य  (भोपाल, म.प्र.)
4.    डॉ. विनोद कुमार यादव आयुर्वेद चिकित्सा (कानपुर, उ.प्र.)
5.    श्री संतोष कुमार सरस  - संपादन (दिल्ली)
6.    श्री मनीष मधुकर युवा लेखन (दिल्ली)
7.    श्री निहाल सिंह युवा पत्रकारिता (दिल्ली)
8.    श्रीमती अर्चना सिन्हा समाज सेवा  (इटावा, उ.प्र.)
9.    श्री गौरव त्रिपाठी हास्य व्यंग्य उपन्यास कपूतके लिए (हल्द्वानी, उत्तराखंड)
10.  श्री मदन अरोड़ा साहित्य (श्रीगंगानगर, राजस्थान)
11.  डॉ. हरीश अरोड़ा साहित्य (दिल्ली)
12.  डॉ. रवींद्र कुमार गुप्ता शिक्षा (दिल्ली)

Saturday, January 7, 2017

शोभना सम्मान-2016 का हुआ सफल आयोजन

  

नई दिल्ली में प्रगति मैदान में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में लेखक मंच पर दिनांक 7 जनवरी, 2017 को दोपहर 12.45 से 2.15 बजे के बीच शोभना सम्मान-2016 का आयोजन व युवा साहित्यकार सुमित प्रताप सिंह की पाँचवी पुस्तक ‘सहिष्णुता की खोज’ का विमोचन किया गया। इस सम्मान समारोह की मुख्य अतिथि थीं भाजपा नेता सरिता भदौरिया व इसकी अध्यक्षता वरिष्ठ व्यंग्यकार डॉ. प्रेम जनमेजय ने की। विशिष्ट अतिथि विवेक त्रिपाठी, वित्तीय सलाहकार एवं मुख्य महाप्रबंधक, दिल्ली परिवहन निगम रहे। इसका संयोजन समाजसेवक श्री सुरेश सिंह तोमर एवं युवा लेखिका सुश्री संगीता सिंह तोमर का रहा तथा सानिध्य शोभना वेलफेयर सोसाइटी की अध्यक्षा शोभना तोमर का रहा। कार्यक्रम का संचालन युवा साहित्यकार श्री सुमित प्रताप सिंह किया। शोभना सम्मान-2016 देश भर से आए अपने-अपने क्षेत्र के महारथियों को प्रदान किया गया। लोकसेवा के क्षेत्र में शैलेंद्र कुमार भाटिया को सम्मानित किया गया। ‘ढाक के तीन पात व्यंग्य’ उपन्यास हेतु मलय जैन को सम्मान दिया गया। व्यंग्य के क्षेत्र में संजीव निगम एवं राजेन्द्र सहगल को सम्मानित किया गया। साहित्य के क्षेत्र में रमाकांत ताम्रकार, रमेश सैनी व शिवानन्द सिंह ‘सहयोगी’ को सम्मान दिया गया। श्याम जगोता को कार्टून के क्षेत्र में, जसविंदर सिंह भसीन को समाज सेवा के क्षेत्र में, नागेश दुबे व सौरभ त्रिपाठी को पत्रकारिता के क्षेत्र में तथा निर्मल सिंह को पर्यावरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सुमित प्रताप सिंह की पाँचवी पुस्तक ‘सहिष्णुता की खोज’ पर क्रमशः गौरव त्रिपाठी, शैलेंद्र कुमार भाटिया, मलय जैन, संजीव निगम, जसविंदर सिंह भसीन, विवेक त्रिपाठी, सरिता भदौरिया व प्रेम जनमेजय ने अपने-अपने विचार प्रस्तुत करते हुए सुमित को लेखन में उज्जवल भविष्य हेतु शुभकामनाएँ दीं।

Saturday, March 5, 2016

युवा व्यंग्य गोष्ठी हुई संपन्न


नई दिल्ली : शोभना वेलफेयर सोसाइटी व ई अकॉउंटैक्स इंस्टिट्यूट के सयुंक्त प्रयास से संत नगर (ईस्ट ऑफ़ कैलाश) में स्थित जी.के. हाउस में दिनांक 5 मार्च, 2016 को एक युवा व्यंग्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसका संचालन युवा व्यंग्यकार सुमित प्रताप सिंह ने किया तथा संयोजन बी.के. सिंह का रहा। गोष्ठी में क्रमशः टाशी शेरपा, शशि पूनम पाण्डेय, बी.के.सिंह, राजा मंसूरी, सिमरन कुमारी, अशोक भड़ाना, रशीद अहमद, दिनेश कुमार व सुमित प्रताप सिंह ने व्यंग्य रचनाओं का पाठ किया। जहाँ टाशी शेरपा ने नेपाली भाषा में कविताएँ सुनाईं, वहीँ राजा मंसूरी ने उर्दू में रचनाएँ सुनाईं। युवा व्यंग्यकार सुमित प्रताप सिंह व शशि पूनम पाण्डेय ने गद्य व पद्य में व्यंग्य पाठ कर वाहवाही बटोरी। बी. के. सिंह की स्त्री केंद्रित व्यंग्य कविता को सभी ने सराहा। शोभना वेलफेयर सोसाइटी की ओर से सुरेश चंदर तोमर ने घोषणा की कि सोसाइटी भविष्य में युवा व्यंग्य गोष्ठियों व युवा व्यंग्य सम्मेलनों का आयोजन देश व विदेश में समय-समय पर करवाकर व्यंग्य विधा के विकास में अपना योगदान देती रहेगी। इस अवसर पर प्रज्ञावतार समाचार पत्र के संपादक के.के. रतरा, प्रेम चंद कुकरेजा, नरेश मुंजाल, मीनाक्षी कुमारी, मोनिका कुमारी व दिनेश यादव इत्यादि व्यंग्यप्रेमी उपस्थित थे।


Monday, January 11, 2016

शोभना सम्मान-2015 का हुआ सफल आयोजन


दिल्ली : हर वर्ष की भांति इस बार भी शोभना वेलफेयर सोसाइटी ने शोभना सम्मान समारोह का आयोजन किया। यह सोसाइटी द्वारा आयोजित तीसरा सम्मान समारोह था। इस बार भी सोसाइटी द्वारा देश भर से विभिन्न क्षेत्रों में अपना सक्रिय योगदान देनेवाले सुधीजनों को शोभना सम्मान-2015 से विभूषित किया गया। यह सम्मान समारोह आज दिनांक 9 जनवरी, 2016 को नई दिल्ली में प्रगति मैदान में आयोजित होनेवाले विश्व पुस्तक मेले में लेखक मंच पर दोपहर 2.30 से सांय 4 बजे के बीच आयोजित किया गया। 


इस सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध व्यंग्यकार डॉ. हरीश नवल थे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यंग्ययात्रा त्रैमासिक पत्रिका के संपादक डॉ. प्रेम जनमेजय ने की। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि की भूमिका वरिष्ठ साहित्यकार प्रताप सहगल ने निभाई एवं सानिध्य रहा शोभना वेलफेयर सोसाइटी की अध्यक्षा शोभना तोमर का तथा इस कार्यक्रम का सफल संचालन युवा साहित्यकार सुमित प्रताप सिंह ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ युवा साहित्यकार सुमित प्रताप सिंह की चौथी पुस्तक ‘सावधान पुलिस मंच पर है’ का लोकार्पण करके किया गया। 

पुस्तक लोकार्पण के पश्चात् सुमित ने अपनी चिर-परिचित विशिष्ट शैली में इसी पुस्तक में संग्रहित ‘अच्छा है बकरापन’ कविता सुनाकर श्रोताओं का मनोरंजन किया। हल्द्वानी के युवा व्यंग्यकार ने सुमित की लेखन शैली पर अपना वक्तव्य देते हुए बताया कि सुमित की लेखन शैली बिलकुल अलग प्रकार की है और उनके द्वारा लेखन में लिए गए नए-नए विषय हरिशंकर परसाईं की लेखन शैली का स्मरण कराते हैं। मुख्य अतिथि डॉ. हरीश नवल ने कहा कि सुमित के लेखन में अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में विभिन्न रस मौजूद हैं और सुमित की विशेषता है कि इनके लेखन में मलीनता नहीं है। सुमित यदि हास्य लिखना आरंभ करते हैं तो उसे पढ़कर निर्मल आनंद की अनुभूति होती है और इनका श्रृंगार रस में लेखन अच्छा है। इसके साथ उन्होंने सुमित को लेखन में सुनहरे भविष्य की शुभकामनाएँ दी. श्रीमती शशि सहगल ने सुमित की पुस्तक की प्रशंसा की और उनकी कविता ‘एक लड़की मुझको भाती है’ को विशेष रूप से सराहा। विशिष्ट अतिथि प्रताप सहगल व कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. प्रेम जनमेजय के अध्यक्षीय भाषण के उपरांत शोभना सम्मान-2015 का वितरण किया गया।
शोभना सम्मान-2015 प्राप्त करनेवालों की सूची निम्नलिखित है : -
साहित्य- श्री बलराम, श्री सूरज प्रकाश, श्री अनूप श्रीवास्तव, लघुकथा साहित्य - श्री श्याम सुन्दर अग्रवाल, संपादन- डॉ. राकेश पाण्डेय, डॉ. रणविजय राव, श्री आशीष कंधवे, श्रीमती शिल्पा श्रीवास्तव, श्री प्रदीप कुमार, श्री अनूप वाजपेयी, समाज सेवा– श्री गोपाल भगत एवं डॉ. अनुभूति भटनागर, कला- सुश्री अर्चना शाह अग्रवाल, आलोचना - डॉ. रमेश तिवारी, व्यंग्य - श्री गौरव त्रिपाठी, कंप्यूटर शिक्षा- श्री नितिन जैन
कार्यक्रम के अंत में डॉ. राकेश पांडेय द्वारा वरिष्ठ साहित्यकार रवीन्द्र कालिया के निधन के विषय में सूचित किए जाने पर शोभना सम्मान समारोह के उपरांत दो मिनट का मौन रखकर उनकी दिवंगत आत्मा के लिए शांति की प्रार्थना की गयी।
इस अवसर पर सोसाइटी के सचिव धैर्य प्रताप सिकरवार, संयुक्त सचिव मोहन कुमार, वरिष्ठ पत्रकार गुलशन भाटी, रामजनम सिंह, वेद प्रकाश शास्त्री, बी.के.सिंह, रशीद अहमद, मो. रेहान व रविन्द्र चौहान इत्यादि सुधीजन मौजूद रहे।

Friday, January 1, 2016

शोभना सम्मान-2015 का होगा आयोजन


    र वर्ष की भांति इस बार भी शोभना वेलफेयर सोसाइटी शोभना सम्मान समारोह का आयोजन करने जा रही है यह सोसाइटी द्वारा आयोजित तीसरा सम्मान समारोह है इस बार भी सोसाइटी द्वारा देश भर से विभिन्न क्षेत्रों में अपना सक्रिय योगदान देनेवाले सुधीजनों को शोभना सम्मान-2015 से विभूषित किया जाएगा यह सम्मान समारोह दिनांक 9 जनवरी, 2016 को नई दिल्ली में प्रगति मैदान में आयोजित होनेवाले विश्व पुस्तक मेले में लेखक मंच पर दोपहर 2.30 से सांय 4 बजे के बीच आयोजित किया जाएगा इस सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध व्यंग्यकार डॉ. हरीश नवल होंगे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता चर्चित व्यंग्यकार एवं व्यंग्ययात्रा पत्रिका के संपादक डॉ. प्रेम जनमेजय करेंगे कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि होंगे वरिष्ठ साहित्यकार प्रताप सहगल एवं के.के. बिड़ला फाउन्डेशन के निदेशक प्रो. सुरेश ऋतुपर्ण तथा सानिध्य रहेगा शोभना वेलफेयर सोसाइटी की अध्यक्षा शोभना तोमर का। सम्मान समारोह का संचालन युवा साहित्यकार सुमित प्रताप सिंह करेंगे। इस अवसर पर युवा साहित्यकार सुमित प्रताप सिंह की चौथी पुस्तक ‘सावधान पुलिस मंच पर है’ का विमोचन भी किया जाएगा

संस्था परिचय : -
शोभना वेलफेयर सोसाइटी एक रजिस्टर्ड स्वैच्छिक संस्था है, जो दिल्ली और दिल्ली के आसपास व भारत में लोगों के जनकल्याण हेतु कार्यरत है यह समाज के प्रति समर्पित लोगों का एक संयुक्त प्रयास है जो इस स्वप्न को साकार करने के उद्देश्य से कार्यरत हैं ताकि इस समाज से लोगों को सभी प्रकार के अन्याय व शोषण से मुक्ति मिल सके और समाज के वंचित व निर्बल वर्ग (विशेषतः युवा, स्त्रियाँ व बच्चे) को हर संभव सहायता प्रदान की जा सके संस्था का मुख्य उद्देश है इन लोगों का सशक्तिकरण करना, जिससे कि संस्था के संयुक्त प्रयास से ये अपनी समस्याएं स्वयं ही सुलझाने योग्य बन सकें ध्यातव्य हो कि शोभना वेलफेयर सोसाइटी की स्थापना सन 2007 ईसवी में हुई है और यह Society Registration Act XXI of 1860 ( Regd. No. S/60158/2007) के अंतर्गत रजिस्टर्ड है


Saturday, September 26, 2015

डलहौजी में तीन दिवसीय साहित्य संगोष्ठी का आयोजन


व्यंग्य यात्रा एवं शोभना वेलफेयर सोसाइटी ने डलहौजी, हिमाचल प्रदेश में स्थित मेहर होटल में तीन दिवसीय साहित्य संगोष्ठी का सितम्बर,2015 के प्रथम सप्ताह में आयोजन किया. इस संगोष्ठी में हिमाचल प्रदेश के चार नामी लेखकों को व्यंग्य यात्रा सम्मान से सम्मानित किया गया. 

Vyangya Yatra and Shobhana Welfare Society organized 03 days Literature Seminar in Mehar Hotel situated in Dalhauzi, Himachal Pradesh during first week of September, 2015. Four renowned writers from Himachal Pradesh were awarded "Vyangya Yatra Samman" for their Hindi Literature writing in this Seminar. 
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Shobhana Welfare Society
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Friday, February 20, 2015

पुलिसकर्मियों ने कहा 'नो कमेंट'



   शोभना वेलफेयर सोसाइटी के तत्वाधान में दिनाँक 19.02.2015 को विश्व पुस्तक मेले में लेखक मंच पर दिल्ली व इटावा गान के रचयिता सुमित प्रताप सिंह की तीसरी पुस्तक 'नो कमेंटका लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही पुलिस काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गयाजिसमें दिल्ली पुलिस के कवियों ने कविता पाठ किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे वरिष्ठ व्यंग्यकार डॉ. प्रेम जनमेजय तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ व्यंग्यकार एवं ग़ज़लकार डॉ. गिरिराजशरण अग्रवाल ने की। युवा गीतकार डॉ. हरीश अरोड़ा एवं नेशनल बुक ट्रस्ट के संपादक डॉ. लालित्य ललित विशिष्ट अतिथि की भूमिका में मंच पर मौजूद थे। संचालन का भार सुमित प्रताप सिंह ने उठाया तथा कार्यक्रम का संयोजन किया शोभना वेलफेयर सोसाइटी के प्रतिनिधि सुरेश सिंह तोमर ने। कार्यक्रम का शुभारम्भ 'नो कमेंटके लोकार्पण से हुआ। इसके उपरांत पुलिस काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की शुरुआत दिल्ली पुलिस के युवा कवि मनीष 'मधुकरकी रचनाओं से हुई। उन्होंने अपने मुक्तकों से श्रोताओं का मनोरंजन किया। इसके बाद दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर हरबोला रमेश ने कविता पाठ किया। उनकी कविता को उनके साथी इंस्पेक्टर पद्मेंद्र रावत ने गाकर सुनायाजिसे वहाँ उपस्थित जनसमूह ने बहुत सराहा। दिल्ली पुलिस के चर्चित ग़ज़लकार प्रमोद शर्मा 'असरने सुमित को उनकी पुस्तक 'नो कमेंटके लिए बधाई दी और अपनी ग़ज़लों से सबको वाह-वाह करने को मज़बूर कर दिया। सुमित प्रताप सिंह ने अपनी चिर-परिचित शैली में अपनी कविता 'अच्छा है बकरापनसुनाकर साम्प्रदायिकता पर कटाक्ष करते हुए वहाँ मौजूद श्रोताओं के दिलों को झकझोर दिया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. हरीश अरोड़ा ने कहा कि सुमित व्यंग्य के क्षेत्र में तेजी से उभरते हुए व्यंग्यकार हैं और आशा है कि वो यूँ ही सार्थक व्यंग्य लिखना जारी रखेंगे। विशिष्ट अतिथि डॉ. लालित्य ललित ने कहा कि पुलिस और कविता विरोधाभासी हैं लेकिन सुमित की 'नो कमेंटऔर पुलिस के कवियों की लेखक मंच पर उपस्थिति पुलिस का उजला पक्ष दिखाती है।
कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं शोध दिशा के संपादक डॉ. गिरिराजशरण अग्रवाल ने 'नो कमेंटके लिए अपनी शुभकामनायें अर्पित कीं और कहा कि सुमित प्रताप की नई पुस्तक भी शीघ्र आनी चाहिए ताकि पाठक सुमित प्रताप की व्यंग्य कला का पूरा लाभ उठा सकें। मुख्य अतिथि डॉ. प्रेम जनमेजय ने अपनी व्यंग्य शैली में पुलिस और साहित्य के रिश्ते को परिभाषित किया और कहा कि आज की गोष्ठी पुलिस कर्मियों के भावनात्मक रूप का दिग्दर्शन कराती है। इस अवसर पर प्रदीप महाजनअमित मिश्रामुस्ताक अंसारीआशीष राघवविजय गुरदासपुरी, बी.के. सिंहरशीद अहमदप्रवल यादवमोहन कुमारजयदेव जोनवाल इत्यादि सुधीजन उपस्थित थे।